26 फरवरी 2025। मध्यप्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 के माध्यम से ₹30.77 लाख करोड़ के ऐतिहासिक निवेश की ओर बढ़ा, जिसने प्रदेश को औद्योगिक और आर्थिक रूप से नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18 नई औद्योगिक नीतियों की घोषणा की, जिससे स्टार्टअप्स, टेक्नोलॉजी, लॉजिस्टिक्स, फिल्म पर्यटन, और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों को नए अवसर मिलेंगे।
लेकिन इन सकारात्मक और ऐतिहासिक घटनाओं के बीच, सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने एक वीडियो में केवल नकारात्मकता तलाशने का प्रयास किया। यही मानव स्वभाव है, जहां बेहतरीन उपलब्धियों को सराहने के बजाय, एक छोटी-सी नकारात्मक घटना को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने की प्रवृत्ति दिखती है।
मानव मनोविज्ञान और नकारात्मकता का प्रभाव
मनोविज्ञान कहता है कि नकारात्मकता का प्रभाव मानव दिमाग पर तेजी से और गहराई से पड़ता है। जब कोई शानदार उपलब्धि हासिल होती है, तो कई लोग उसे सहज रूप से स्वीकार कर लेते हैं, लेकिन जैसे ही कोई छोटी-सी नकारात्मक खबर सामने आती है, वही लोग उसे बढ़ा-चढ़ाकर चर्चा का विषय बना लेते हैं।
क्या यह उचित है?
क्या हमें अपनी ऊर्जा और ध्यान सकारात्मक बदलावों को सराहने और प्रोत्साहित करने में नहीं लगाना चाहिए?
मध्यप्रदेश: नए भारत का निर्माण
जब पूरा विश्व भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था की सराहना कर रहा है, जब विश्व बैंक और संयुक्त राष्ट्र भारत को सौर ऊर्जा और औद्योगिक विकास में अग्रणी देश बता रहे हैं, तो क्या हमें अपने ही देश और राज्य की उपलब्धियों का मजाक उड़ाना चाहिए?
आज मध्यप्रदेश ईवी क्रांति, टेक्सटाइल हब, और सौर ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बन रहा है। देश के सबसे बड़े उद्योगपति अदाणी ग्रुप (₹2.10 लाख करोड़), अवाडा ग्रुप (₹50,000 करोड़), और बीना रिफाइनरी पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स (₹50,000 करोड़) जैसे बड़े निवेश कर रहे हैं। ऐसे समय में हमें नकारात्मक सोच से बाहर आकर इस बदलाव का हिस्सा बनना चाहिए।
विकास की ओर बढ़ते कदम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अगले पांच वर्षों में मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। प्रदेश में 300 से अधिक औद्योगिक क्षेत्र हैं, और 13 नए औद्योगिक पार्क तैयार किए जा रहे हैं।
आज अगर मध्यप्रदेश में 5 लाख किमी से अधिक सड़क नेटवर्क, आधुनिक रेलवे स्टेशन और उन्नत लॉजिस्टिक्स सुविधाएं हैं, तो यह एक नए युग की शुरुआत है।
नकारात्मकता से ऊपर उठें, सकारात्मकता को अपनाएं
सोशल मीडिया पर किसी भी नकारात्मक खबर को तूल देने से पहले हमें खुद से एक सवाल पूछना चाहिए – क्या इससे हमें और हमारे समाज को कोई लाभ होगा?
मध्यप्रदेश आज निवेश, रोजगार और औद्योगिक विकास के नए युग में प्रवेश कर रहा है। यह समय नकारात्मकता फैलाने का नहीं, बल्कि इस सफलता का हिस्सा बनने का है। सोचिए, यदि हमारे अपने घर में कोई बड़ा आयोजन हो और उसमें कोई छोटी-सी बाधा आए, तो क्या हम उसे ही बढ़ा-चढ़ाकर दिखाएंगे या पूरे आयोजन की सफलता पर ध्यान देंगे? भोपाल, हमारा प्रदेश—क्या यह हमारा अपना घर नहीं है? जब हम अपने घर, अपने शहर, अपने राज्य की प्रगति में योगदान देंगे, तभी हम खुद को और अपने देश को आगे बढ़ता देख पाएंगे।
👉 आइए, नकारात्मकता से ऊपर उठकर विकास की इस यात्रा का हिस्सा बनें! 🚀
Comments
Post a Comment